पिता का संघर्ष एक छोटा सा गाँव था। उस गाँव का नाम रहीमपुर था।उस गाँव में तरह -तरह के लोग रहते थे मगर उनका खुद का अपना घर नही था। बल्कि वे लोग किराए पर रहते थे। केशव नाम का एक आदमी था जो अपने छोटे से परिवार के साथ रहता था। उसे तीन बच्चे थे और वे भी तीनो लड़कियां थी।उसके पत्नी का नाम ज्योति था।दिखने मे गोरी और सुंदर थी। मगर उसे अपने पति पर प्यार नही था।क्योंकि, उसका पति शराबी था। केशव दिन भर काम करके रात के समय घर लौटते वक़्त शराब पीकर लौटता था। केशव भले ही शराबी था मगर उसे अपने बिवी और बच्चों से बहुत प्यार और लगाव था। जहाँ केशव जा परिवार रहता था,वही पडोस में एक खाली कमरा था। थोड़े दिन तक उस कमरे मे कोई नही था ।कुछ महिने बीत गए।तब उस कमरे मे चार लड़के रहने आ गए। वे दिनभर काम करते और श्याम के समय घर लौटते।उस चारों लड़को में एक राजु नाम का लड़का रहता था।किराये के घर मे रहने के वजह से उन्हें रात के वक़्त पानी भरना पड़ता था।जब ज्योति पानी भरने जाती तब राजू भी वहां पानी भरने आता था ऐसे ही थोड़े दी बीत गए। ...